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जब मैं 2019 में क्रिप्टो की दुनिया में आई थी, तब से मैंने ढेरों 'मीम कॉइन्स' को आते और जाते देखा है। Kishu Inu (KISHU) भी उसी श्रेणी का एक टोकन है, जो Ethereum ब्लॉकचेन पर बना है। इसे 17 अप्रैल, 2021 को लॉन्च किया गया था और यह पूरी तरह से Dogecoin से प्रेरित है। हालांकि इसकी शुरुआत एक मजाक के तौर पर हुई, लेकिन इस प्रोजेक्ट का दावा है कि यह सिर्फ एक मीम बनकर नहीं रहेगा, बल्कि इसमें ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं जो इसे एक लंबी अवधि की करेंसी बना सकें।
मेरे नजरिए से, इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि यह एक विकेंद्रीकृत (decentralized) नेटवर्क की तरह काम करता है, जिसका मालिकाना हक समुदाय के पास है। मैंने देखा है कि कई प्रोजेक्ट्स में डेवलपर्स अपने लिए टोकन बचाकर रखते हैं, लेकिन KISHU की टीम ने ऐसा नहीं किया। वे फंडिंग के लिए डोनेशन पर निर्भर हैं। मुझे लगता है कि यह ढांचा प्रोजेक्ट को वास्तव में कम्युनिटी-ड्रिवन बनाता है, जहां बड़े फैसले टोकन होल्डर्स ही लेते हैं।
KISHU का लक्ष्य मीम कॉइन की दुनिया में DeFi और NFTs को जोड़ना है। इसमें एक रिडिस्ट्रिब्यूशन मैकेनिज्म है जो होल्डर्स को रिवॉर्ड देता है। यह उन लोगों के लिए मददगार है जो बिना ट्रेडिंग किए सिर्फ एसेट को होल्ड करके पैसिव इनकम कमाना चाहते हैं।
अगर हम डेटा की बात करें, तो Kishu Inu फिलहाल मार्केट में #1085 रैंक पर है। इसकी कीमत अभी $0 के करीब है, जो इसकी बहुत कम नॉमिनल वैल्यू को दर्शाता है। इसका मार्केट कैप $7,354,033.415 है और पिछले 24 घंटों का ट्रेडिंग वॉल्यूम $356,818.342 रहा है।
मैंने गौर किया है कि इस टोकन में शॉर्ट-टर्म काफी उतार-चढ़ाव रहा है, लेकिन हाल ही में इसमें अच्छी तेजी दिखी है:
सप्लाई की बात करें तो KISHU की मैक्सिमम सप्लाई बहुत ज्यादा है—1 क्विंटिलियन (1,000,000,000,000,000,000) कॉइन्स। इसकी सर्कुलेटिंग सप्लाई 93,136,097,121,133,940 है और टोटल सप्लाई 96,702,938,412,730,850 है। इसका फुली डाइल्यूटेड मार्केट कैप $78,960,077.16 है।
KISHU एक ERC-20 टोकन है। इसका मतलब है कि यह एक स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट टोकन है जो Ethereum नेटवर्क के स्टैंडर्ड्स को फॉलो करता है। चूंकि यह Ethereum पर चलता है, इसलिए यह अपनी खुद की चेन बनाने के बजाय Ethereum की सिक्योरिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करता है।
इस इकोसिस्टम के पांच मुख्य हिस्से हैं:
सुरक्षा के लिए इसका स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट CertiK द्वारा ऑडिट किया गया है। साथ ही, डेवलपर्स ने लिक्विडिटी पूल (LP) टोकन को बर्न कर दिया है। मेरे अनुभव में, LP टोकन बर्न करना एक अच्छा संकेत है क्योंकि इससे 'रग पुल' (rug pull) का खतरा कम हो जाता है, यानी डेवलपर्स अचानक से फंड निकालकर भाग नहीं सकते।
सोशल मीडिया पर KISHU को लेकर काफी उत्साह है और लोग इसे "मून" (तेजी से ऊपर जाना) करने की उम्मीद कर रहे हैं। जब मैं कम्युनिटी एक्टिविटी देखती हूं, तो लोग अक्सर इसके पुराने ऑल-टाइम हाई ($2 बिलियन) की बात करते हैं और उम्मीद करते हैं कि कीमत में से कुछ 'जीरो' हट जाएंगे।
कम्युनिटी में कुछ बातें बार-बार दिखती हैं:
ईमानदारी से कहूं तो, यहां तकनीकी विश्लेषण (technical analysis) कम और सट्टेबाजी वाला उत्साह ज्यादा है। लोग सिर्फ प्राइस एक्शन और तेजी से रिटर्न कमाने पर केंद्रित हैं।
भारत में क्रिप्टो एडॉप्शन काफी तेजी से बढ़ा है और KISHU जैसे लो-कैप टोकन खरीदने के लिए कुछ अच्छे विकल्प मौजूद हैं।
अगर आप कम फीस और ढेर सारे कॉइन्स चाहते हैं, तो MEXC एक बेहतरीन विकल्प है। यहां स्पॉट ट्रेडिंग पर 0% मेकर फीस है और 2,800 से ज्यादा कॉइन्स उपलब्ध हैं, जो इसे KISHU जैसे टोकन के लिए बहुत आसान बनाता है।
एक और भरोसेमंद विकल्प Bybit है। इसका इंटरफेस बहुत स्मूथ है और यह भारतीय यूजर्स के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म है, खासकर अगर आप फ्यूचर्स ट्रेडिंग में भी रुचि रखते हैं।
अगर आप अपनी प्राइवेसी को लेकर गंभीर हैं और बिना KYC के तुरंत स्वैप करना चाहते हैं, तो StealthEX का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक नॉन-कस्टोडियल सर्विस है, जिसका मतलब है कि आपको अकाउंट बनाने की जरूरत नहीं है।
KISHU की ताकत इसकी कम्युनिटी और मीम कॉइन्स का क्रेज है। पिछले 30 दिनों में 150% से ज्यादा की तेजी यह दिखाती है कि शॉर्ट-टर्म में इसमें काफी दम है। रिडिस्ट्रिब्यूशन मैकेनिज्म और CertiK ऑडिट इसे थोड़ा भरोसा देते हैं।
लेकिन, जोखिम बहुत ज्यादा हैं। इसकी सप्लाई बहुत बड़ी है और इसका मार्केट कैप अपने पुराने $2 बिलियन के हाई से बहुत नीचे है, जिसका मतलब है कि इसने अपनी वैल्यू का एक बड़ा हिस्सा खो दिया है। ज्यादातर मीम कॉइन्स की तरह, इसमें कोई ठोस उपयोगिता (utility) नहीं है और यह पूरी तरह से मार्केट सेंटिमेंट और 'पंप एंड डंप' साइकिल पर निर्भर है।
मेरी राय में, यह एसेट केवल उन लोगों के लिए है जो हाई-रिस्क सट्टेबाजी करना चाहते हैं और जो अपना पूरा निवेश खोने का जोखिम उठा सकते हैं। यह उन निवेशकों के लिए बिल्कुल नहीं है जो स्थिरता या असली उपयोगिता वाले एसेट्स ढूंढ रहे हैं।
यह कोई वित्तीय सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले हमेशा अपनी खुद की रिसर्च (DYOR) करें।
क्या KISHU सुरक्षित और वैध है?
इसका स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट CertiK द्वारा ऑडिट किया गया है और लिक्विडिटी पूल टोकन बर्न कर दिए गए हैं, जिससे स्कैम का खतरा कम होता है।
KISHU किस ब्लॉकचेन पर बना है?
यह Ethereum ब्लॉकचेन पर बना एक ERC-20 टोकन है।
KISHU किसने बनाया?
इसे 2021 में एक गुमनाम (anonymous) डेवलपमेंट टीम द्वारा लॉन्च किया गया था।
KISHU अन्य मीम कॉइन्स से अलग कैसे है?
यह पूरी तरह से कम्युनिटी-ओन्ड है और इसमें 2% रिडिस्ट्रिब्यूशन मैकेनिज्म है जो होल्डर्स को रिवॉर्ड देता है।
KISHU के जोखिम और भविष्य क्या हैं?
सबसे बड़ा तकनीकी जोखिम Ethereum नेटवर्क पर इसकी निर्भरता है; अगर गैस फीस बढ़ती है, तो छोटे अमाउंट की ट्रेडिंग बहुत महंगी हो जाएगी। साथ ही, इसे Dogecoin और Shiba Inu जैसे दिग्गजों से कड़ी टक्कर मिल रही है।
भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि क्या यह प्रोजेक्ट केवल एक मीम से आगे बढ़कर अपने DEX और NFT प्रोजेक्ट्स के जरिए एक काम आने वाली करेंसी बन पाता है या नहीं। जब तक कोई वास्तविक उपयोगिता नहीं आती, यह सिर्फ एक हाई-वोलाटाइल एसेट बना रहेगा।
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